संतो ने कैसे भूतों को वश में किया पाठ 15
हमने पिछली कहानी में आपको बताया कि कैसे उसने संतों के ऊपर वार किया और संतों की एकवचन से उसका पूरा हुआ खत्म हो गया और वह कैसे घबरा गई और कैसे लोगों को उल्टा पुल्टा बताना शुरू कर दिया कि यह मेरे ऊपर इलम करते हैं पर संतों ने
कैसे उस और दिखा इलम को तोड़ दिया वह उस औरत को समझ नहीं आ रहा था और उस औरत ने अपने इल्म को इतना मजबूत किया था कि कोई उसको तोड़ नहीं सकता था पर संतो के इस भजन से उसका एल्बम टूट गया कि वह कहीं की भी नहीं रही और उसने कई और इल्म वालों से जाकर उन शक्तियों को काबू में किया जो उसके ही पीछे लग गई थी उन शक्तियों से वह लोगों का बुरा करवाती थी और वह और इतनी परेशान हो गई कि सारा दिन वह अपनी खिड़की से बाहर निकलकर देखनी शुरू कर दी कि जिन लोगों के ऊपर मैंने इलम किया है वह लोग मर रहे हैं या नहीं पर वह संतों की कृपा से वह औरत हार गई फिर उसके अंदर बिल्कुल कम इलम बचा जिसको वह कुछ लोगों को परेशान करने में लग गई दोस्तों जो पहले से खराब हो जाता है वह कभी ठीक नहीं होता और इसी प्रकार वह औरत कभी सुधरने वाली नहीं थी दोस्तों यह कहानी मैं आपको बता रहा हूं यह बिल्कुल रियल कहानी है इसमें हिंदी लिखते समय कुछ मेरे से गलतियां जरूर हुई होंगी पर यह कहानी बिल्कुल सही है

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